आज के इस पोस्ट में हम जानेंगे की विद्युत धारा का उष्मीय प्रभाव क्या होता है ।
जब किसी चालक से विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तो वह चालक गरम हो जाता है अर्थात विद्युत ऊर्जा का ऊष्मा मे रूपांतरण होता है ।इसे ही विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव कहते हैं।
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| ex: विद्युत धारा का उष्मीय प्रभाव |
यदि किसी चालक के दोनों सिरों को सेल या बैटरी से जोड़ दिया जाता है तो चालक के दोनों सिरों के बीच एक विभावंतर स्थापित होता है।चालक के मुक्त इलेक्ट्रान चालक के उच्च विभव के सिरे की ओर त्वरित होते हैं परंतु इन इलेक्ट्रान की चाल लगातार बढ़ नहीं पाती है क्यूंकि वे अपने मार्ग मे पड़ने वाले चालक के धनायन से बार बार टकराते रहते हैं इससे उनकी चाल मंद हो जाती है।
इस प्रकार विभावंतर के कारण इलेक्ट्रान,जो गतिज ऊर्जा प्राप्त करते हैं उसके कुछ भाग वे चालक के आयनों को दे देते हैं इससे चालक की आंतरिक ऊर्जा बढ़ जाती है जिसके कारण चालक का ताप बढ़ जाता है।तप्त चालक इस प्रकार से प्राप्त ऊर्जा को अपने अगल बगल की वस्तुओ मे heat transfer द्वारा वितरित करता है।इसका मतलब यह है की किसी चालक मे प्रवाहित विद्युत धारा द्वारा उत्सर्जित ऊष्मा का परिमाण उसके द्वारा चालक के प्रतिरोध के विरुद्ध किए गए कुल कार्य के बराबर होता है।
दोस्तों,उम्मीद है की आपको यह पोस्ट अच्छी लगी होगी।


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